एमपी में नई तबादला नीति के चलते शासकीय अधिकारियों कर्मचारियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई जूनियर लिखेंगे सीनियरों का 'सीआर'

Jun 22, 2026 - 15:12
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एमपी में नई तबादला नीति के चलते शासकीय अधिकारियों कर्मचारियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई जूनियर लिखेंगे सीनियरों का 'सीआर'

मध्य प्रदेश में 16 और 17 जून के बीच जारी हुई तबादला सूची के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच विवाद की निर्मित हो गई है। जिसकी बड़ी वजह गोपनीय चरित्रावली (सीआर) लिखना बताया जा है। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार अनुसार कई जिलों में अब वर्ग-2 राजपत्रित अधिकारी ऐसे अधिकारियों के अधीन काम करेंगे जो मूल रूप से वर्ग-3 सेवा श्रेणी से हैं। ऐसी स्थिति में जूनियर अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों की सीआर लिखेंगे। ऐसी स्थिति में अधिकारियों का कहना है कि यह सेवा संरचना और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों के लिहाज से असामान्य स्थिति है।विभाग के भीतर चर्चा है कि यदि नियमित राजपत्रित अधिकारी उपलब्ध हैं, तो फिर प्रभारी व्यवस्था के जरिए उच्च पदों का प्रभार देने के पीछे क्या प्रशासनिक आधार अपनाया गया है। इसी कारण इन आदेशों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इन आदेशों के बाद विभाग के कई अधिकारी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि वरिष्ठता, योग्यता और चयन प्रक्रिया को महत्व देने के बजाय प्रभार व्यवस्था के माध्यम से नियुक्तियां की जा रही हैं। इससे विभाग में असंतोष और निराशा का माहौल बन गया है।फिलहाल विभाग की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन प्रभार आदेशों को लेकर चर्चा और विरोध लगातार बढ़ रहा है। इसके पहले वाणिज्यिक कर विभाग की सूची में तबादला नीति की अनदेखी किए जाने और एक पद पर दो-दो अधिकारियों की पोस्टिंग कर दिए जाने के खुलासे हुए हैं। विभाग ने एक ऐसे अधिकारी का तबादला भी कर दिया है। जिसका छह माह के भीतर रिटायरमेंट है जबकि तबादला नीति में साफ कहा गया है कि जिसका रिटायरमेंट एक साल से कम हो, उसका स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा किए गए यह तबादले अब चर्चा का केन्द्र बन चुके हैं। सीनियर-जूनियर के बीच विवाद की स्थिति तो निर्मित हो रही है जिससे विभागीय कार्यों में भी रुकावट की स्थिति निर्मित हो गई है।

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