मऊगंज के खटखरी में सिरप पीने से बच्चे की मौत के बाद भी फर्जी दस्तावेजों से चल रहे मेडिकल स्टोरों पर नहीं हो रही कार्रवाई
मनमाने तरीके से बिना जांच पड़ताल के चल रहे मेडिकल स्टोरों का एक नया मामला सामने आया है। जहां मऊगंज जिले के ग्राम खटखरी में खांसी की दवा के सेवन से 5 माह के बालक की मृत्यु की घटना सामने आई है। मासूम की मौत के बाद जिला प्रशासन जागा जिसके बाद मामले में तत्काल जांच के निर्देश दिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की है। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिनेश श्रीवास्तव का कहना है कि विनोद मेडिकल स्टोर के संचालक जितेन्द्र कुमार गुप्ता द्वारा बिना किसी डॉक्टर के पर्चे और सलाह के एलोपैथिक दवाएं दी गई थीं, इसके बाद बच्चे की मृत्यु हुई। औषधि निरीक्षक मऊगंज द्वारा 8 औषधियों के नमूने जांच हेतु लिए गए हैं, जिन्हें औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया है। वहीं 5 औषधियों के स्टॉक को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत फॉर्म-15 में फ्रीज़ किया गया है।
औषधि विक्रय संस्थान विनोद मेडिकल स्टोर, खटखरी को औषधि निरीक्षक द्वारा सील किया गया है और संचालक जितेन्द्र कुमार गुप्ता के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई है। जांच में पाया गया कि बिना डॉक्टर की सलाह के दवा विक्रय कर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 65(2) का उल्लंघन किया गया है। नियंत्रक ने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही संबंधित अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल इस बात का उठता है कि छिंदवाड़ा में कप सिरफ का मामला सामने आने के बाद भी औषधि विभाग नहीं जाग रहा है। मऊगंज और रीवा में सैकड़ो की संख्या में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं लेकिन उनकी जांच के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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