NHM संविदा कर्मियों की हड़ताल से बीमार हुई स्वास्थ व्यवस्था लेकिन सरकार तबादलों में मस्त जनता के स्वास्थ की नहीं फिक्र
मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है। शनिवार को भी हड़ताल के कारण स्वास्थ केन्द्रों में मरीजों और उनके परिजनों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी 2 जून से विभिन्न जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के कारण प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। इस हड़ताल में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), एएनएम, लैब टेक्नीशियन और कार्यालयीन कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों के काम पर नहीं होने से टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में संचालित सेवाएं, टीबी-मुक्त भारत अभियान के तहत जांच और निक्षय आईडी जनरेट करने जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा एएनएम द्वारा बच्चों और गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच तथा टीकाकरण का कार्य भी ठप पड़ा हुआ है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर दिखाई देने लगा है। संविदा कर्मी अपनी मांग को लेकर कड़े हैं लेकिन सरकार भी हठधर्मिता पर उतारु हो चुकी है। लिहाजा अब संविदा स्वास्थ कर्मियों ने 11 जून को भोपाल में प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई है। दरअसल संविदा स्वास्थ कर्मी पूरी क्षमता के साथ जनता की सेवा कर रहे हैं। और उन्हें नियमित कर्मचारियों की भांति काम भी लिया जा रहा है। उसके बाद भी संविदा कर्मियों के भविष्य पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। मरीजों को समस्याएं हो रहीं हैं उसके बाद भी सरकार का ध्यान संविदा स्वास्थ कर्मियों पर नहीं जा रहा है। उल्टे कर्मचारियों को वापस बुलाने के लिए अलग-अलग प्रयास करने के साथ उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी भी दी जा रही है उसके बाद भी अपनी मांग को लेकर कड़े स्वास्थ कर्मी झुकने के लिए तैयार नहीं हैं।
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