राज्यसभा में 'कमल' के खिलने की बढ़ी संभावना क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए कांग्रेस आजमाएगी आखिरी दांव
पूर्व सीएम कमलनाथ के राज्यसभा जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। पूर्व सीएम को राज्यसभा भेजा सकता है। बुधवार को नई दिल्ली में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की है। इसके बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।दिग्विजय सिंह के बाद मध्य प्रदेश के कमलनाथ ही कांग्रेस में ऐसे कद्दावर नेता हैं, जिनके नाम पर उम्मीद की जा सकती है कि क्रॉस वोटिंग न हो। इसी साल मार्च में हुए राज्यसभा चुनावों में हरियाणा और ओडिशा में कांग्रेस के लिए क्रॉस-वोटिंग एक बड़ी समस्या बनकर उभरी थी। प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों का दावा है कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के अलावा किसी अन्य उम्मीदवार को शायद ही 61 विधायकों का समर्थन मिल पाए। एमपी से राज्यसभा की एक सीट पर जीत के लिए 58 विधायकों की जरूरत है। कांग्रेस के पास इस आंकड़े से सिर्फ तीन वोट अधिक हैं। इसलिए स्थिति नाजुक है। मध्य प्रदेश में बीजेपी के पास 165 विधायक हैं। ऐसे में दो सीटों पर उनकी जीत पक्की है। इसके बाद उनके पास 49 विधायक बचते हैं। राज्य बीजेपी के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा कि अगर कांग्रेस के अंदर गुटबाजी होती है तो बीजेपी तीसरी सीट पर चुनाव करवाने का मौका भुनाने से पीछे नहीं हटेगी। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार भाजपा किसी तीसरे नेता का डमी कैंडीडेट के रुप में नामांकन करवाने पर विचार भी कर रही है।
What's Your Reaction?