ये मुलाकात सिर्फ पुष्प गुच्छ तक सीमित है या फिर सियासी गलियारे में सनसनी पैदा करना मक्सद पढ़िए मुखबिर पर पूरी खबर
राजनीति में बड़े नेताओं का आपस में मिलना एक सामान्य बात है। लेकिन जब किसी प्रदेश का मुखिया अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास बार-बार जाए पुष्प गुच्छ भेंट करें और फिर बकायदा फोटो खींच कर उसे पार्टी कार्यालय की तरफ से जारी कराए तो उसके मायने बदल जाते हैं। दरअसल जिस प्रकार से भाजपा में राजनीतिक हालात बनते और बिगड़ते रहते हैं उसका असर सरकार से संगठन तक देखने को मिलता रहता है। पार्टी के अप्रत्याशित फैसले कार्यकर्ताओं से लेकर पदाधिकारियों की नींद गायब किए रहते हैं। ऐसे में सीएम मोहन यादव का राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मिलना सामान्य भी हो सकता है और उसके पीछे बड़ा रहस्य भी हो सकता है। हांलांकि रहस्य की गुंजाइश तो यहां पर कम ही है लेकिन सीएम के अध्यक्ष से मिलने के मायने जरुर हैं। अन्य नेताओं को राष्ट्रीय अध्यक्ष से आम मुलाकात करने तो तो हमेशा समय नहीं मिलता लेकिन जब सीएम जाते हैं तो उन्हें आसानी से समय मिल जाता है। अब सवाल इस बात का उठता है कि जब मुलाकात की फोटो जारी की जाती है तो दोनों नेताओं के बीच बात क्या हुई उसकी जानकारी क्यों नहीं दी जाती है। मतलब साफ है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के फोटो जारी कर अपने प्रतिद्वंदियों की टेंशन बढ़ाना मक्सद है उससे ज्यादा कुछ नहीं। क्योंकि सरकार से संबंधित काम होता तो केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात होती। संगठन से संबंधित काम होता तो प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात करते। लेकिन यहां तो मक्सद ये दिखाना है कि सरकार और संगठन सब मेरी मुट्ठी में है। अन्यथा इस प्रकार से फोटो जारी नहीं किए जाते। और फिर फोटो जारी किए जाते हैं तो ये भी बताया जाता कि मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच बात क्या हुई।
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