सीएम मोहन यादव की शंकाओं का कुमार विश्वास ने किया समाधान नवग्रहों का दर्शन कर सीएम ने खुद को किया धन्य
डबरा के नवग्रह शक्तिपीठ के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देश भर की राजनीतिक हस्तियों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। रविवार को महाशिवरात्रि के मौके पर सीएम मोहन यादव और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा शक्तिपीठ पहुंचे। सबसे पहले दोनों नेताओं ने शक्तिपीठ पहुंच कर सभी देवताओं का दर्शन करने के साथ मंदिर को देखा और उसके दिव्य और भव्य स्वरुप का दर्शन कर खुद को कृतार्थ किया। सीएम मोहन यादव जब कथा स्थल पहुंचे तो उन्होंने कथावाचक कुमार विश्वास से भगवान राम और विश्वास मित्र के प्रसंग पर चर्चा करते हुए पूछा कि कोई पिता अपने 16 साल के बेटे को कैसे ताडुका जैसी राक्षसनी को मारने भेज सकता है और फिर जनकपुरी जाकर विवाह भी करवाते हैं। सीएम के इन सभी सवालों का कथावाचक कुमार विश्वास ने अपने जवाब से समाधान किया। इस दौरान सीएम यादव ने कहा कि “डबरा की धरती आज सचमुच अध्यात्म, संस्कृति और भक्ति का संगम बन गई है।”कार्यक्रम में पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद वी.डी. शर्मा और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री करण सिंह वर्मा भी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का स्वागत आयोजक एवं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने किया। डॉ. कुमार विश्वास ने अपने प्रवचन में कहा कि आज दुनिया जिस “मिनिमलिज्म” (सरल जीवन) को आधुनिक विचार कह रही है, वह भगवान शिव के जीवन में सदियों से जीवित है। छाल वस्त्र, भस्म, वैराग्य और एक लोटा जल ही उनकी समृद्धि है। यही शिव का सच्चा वैभव है।उन्होंने भगवान राम और भगवान शिव के संबंधों का उल्लेख करते हुए जनकपुर स्वयंवर का प्रसंग सुनाया “गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से राम ने धनुष तोड़ा, लेकिन विवाह तभी किया जब पिता दशरथ की अनुमति मिली। यही मर्यादा और अनुशासन श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाते हैं।कथा के दौरान “भवानी सुन लो राम कहानी” की संगीतमय प्रस्तुति ने हजारों श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पूरा कथा परिसर “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। माहौल में आस्था और भक्ति का ऐसा समन्वय देखने को मिला, जिसने उपस्थित हर व्यक्ति को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया।
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