एमपी बीजेपी के नेता बिहार फतह में ब्यस्त हैं दूसरी तरफ कांग्रेस वालों की पूछ-परख नहीं
मप्र भाजपा के नेता चुनावी रणनीति बनाने में कितने माहिर हैं उसकी बानगी उस वक्त देखने को मिलती है जब किसी अन्य राज्य में चुनाव होते हैं। भारतीय जनता पार्टी ने एमपी से करीब 500 नेताओं की बिहार चुनाव में ड्यूटी लगा रखी है। जिसमें प्रमुख रुप से डॉ. नरोत्तम मिश्रा,विश्वास सारंग,पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा,हितानंद शर्मा और प्रदेश प्रभारी महेन्द्र सिंह सहित अन्य कितने नेताओं को बिहार चुनाव में पार्टी की जीत तय करने के लिए भेजा गया है। और वो सभी नेता बिहार में पूरी निष्ठा के साथ मेहनत कर पार्टी को जिताने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी तरफ मप्र कांग्रेस के नेताओं को पार्टी नेतृत्व की तरफ से कोई तबज्जो नहीं दी गई है। कांग्रेस के नेताओं को जब बिहार चुनाव में कोई तबज्जो नहीं दी गई तो उन्होने पचमढ़ी में दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन कर लिया जिससे लोगों का ध्यान उस ओर से हटाया जा सके कि कांग्रेस अपने संगठन सृजन में व्यस्त है। हकीकत यही है कि जिस प्रकार से विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव में एमपी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है उसके बाद एमपी कांग्रेस के नेताओं की चुनावी ड्यूटी नहीं लगाई जा रही है। क्योंकि कांग्रेस के केन्द्रीय नेतृत्व को एमपी के नेताओं पर विश्वास ही नहीं है। फिलहाल भाजपा के नेता बिहार फतह के लिए एड़ी चोटी का बल लगा रहे हैं। सीएम मोहन यादव की भी ताबड़ तोड़ सभाएं रखी गई हैं क्योंकि वो यादव समाज से आते हैं और बिहार में यादवों की बड़ी संख्या है लिहाजा सीएम मोहन यादव की बिहार चुनाव में स्टार प्रचारक के रुप में काफी डिमांड है।
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