'नुक्कड़ नाटक' का केन्द्र बिन्दु बना मप्र विधानसभा जहां निशुल्क देखने को मिलता है 'नाटक'
जिस विधानसभा को लोकतंत्र का मंदिर माना जाता है वही विधानसभा पिछले कुछ महीनों से 'नुक्कड़ नाटकों' का एक स्थाई ठिकाना बन गया है। कांग्रेस के विधायक सदन शुरु होने से पहले महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास रोज किसी मुद्दे पर विरोध स्वरुप कोई नाटक करते हैं। सोमवार को नुक्कड़ नाटक की पहली सीरीज में एक विधायक 'कफ सिरप' की बोतल लेकर आए, तो एक महिला विधायक राक्षसी पूतना का भेष धरकर मध्य प्रदेश विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंची। इस दौरान कई विधायकों के हाथों में गुड़िया भी नजर आईं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 'जहरीले' कप सिरप से सबसे ज्यादा बच्चों की मौतें हुई है। ऐसे में कांग्रेस ने इस मुद्दे को विधानसभा में जोर-शोर से उठाने का निर्णय लिया है। लेकिन मजे की बात यह है कि इतने गंभीर मुद्दे पर सदन में चर्चा करने के बजाय कांग्रेस के विधायक सदन के बाहर नुक्कड़ नाटक कर विरोध करने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। सदन शुरु होने से पहले कांग्रेस में विधायक दल की बैठक होती है जिसमें सरकार को घेरने की रणनीति बनती है लेकिन सभी विधायक सदन के बजाय नुक्कड़ नाटक में अपनी एनर्जी खत्म कर सदन के अंदर मुंह में दही जमा कर बैठ जाते हैं कांग्रेस विधायकों के पास सिर्फ पहले दिन एनर्जी होती है दूसरे दिन उनके पास न मुद्दा होता है और न एनर्जी बचती है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार आते तो पूरी योजना के साथ हैं लेकिन उनकी योजनाओं और मंसूबों पर भाजपा के नेता बर्फ मिला पानी डाल देते हैं और नेता प्रतिपक्ष की सारी योजनाएं धरी की धरी रह जाती हैं।
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