प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा चुनाव मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला कांग्रेसी पार्षदों ने फैसले को बताया गलत
मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। जिसके तहत प्रदेश में नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराए जाने संबंधी विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत किये जाने की स्वीकृति दी गयी है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्ष 1999 से 2014 तक नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराए जाते रहें है। वर्ष 2022 में नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से वार्डों के निर्वाचित पार्षदों के द्वारा कराए गए। महापौर का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराया जा रहा है। सरकार द्वारा इस विधेयक के पारित होने पर जनता के अधिकार बढ़ेंगे तो वहीं पार्षदों के बड़े अधिकार में कटौती होगी। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पहले ही कहा था कि अध्यक्ष पद के निर्वाचन में अनैतिक तरीके अपनाए जाने की आशंका रहती है लिहाजा उस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुरानी व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।
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