भोपाल जिला कार्यकारिणी में उलझे पेंच को अब तक सुलझाने में नाकाम रही भाजपा
मप्र भाजपा 95वे फीसदी जिलों की कार्यकारिणी जारी कर चुकी है। यहां तक की तीन दिन पहले इंदौर की भी कार्यकारिणी जारी कर दी गई लेकिन भाजपा की तरफ से अब तक भोपाल जिले की कार्यकारिणी घोषित नहीं कर पाई। दरअसल भोपाल में दो मंत्री और तीन विधायकों सहित कुछ अन्य नेता रोड़ा बैन कर बैठ गए हैं। ऊपर से संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और प्रदेश प्रभारी महेन्द्र सिंह बिहार चुनाव में सक्रिय हैं जिसके कारण भोपाल की कार्यकारिणी अब तक जारी नहीं हो पाई है। जबकि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। भोपाल में जितने नेता हैं वो सभी अपने समर्थकों को अर्जेस्ट करने के लिए प्रदेश नेतृत्व पर दबाव बना रहे हैं। खासकर भोपाल से दो मंत्री आते हैं जो अपने समर्थकों को कार्यकारिणी में शामिल कराने के लिए एड़ी चोटी का बल लगा रहे हैं। दूसरी तरफ तीन विधायक भी पीछे नहीं हैं वो भी चाहते हैं कि उनके समर्थकों को जिला कार्यकारिणी में स्थान मिले। इन्ही जद्दोजहद के बीच कार्यकारिणी को जारी करने में प्रदेश नेतृत्व को काफी मसक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कई पार्षद हैं जो जिला कार्यकारिणी में शामिल होना चाहते हैं। लगातार वो प्रदेश अध्यक्ष पर दबाव भी बना रहे हैं। दरअसल प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने एक व्यक्ति एक पद की जो रणनीति बनाई थी वो अब पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। क्योंकि प्रदेश कार्यकारिणी में विधायकों को और सांसद को शामिल कर प्रदेश अध्यक्ष ने उस मिथक को तोड़ दिया है। ऊपर से भोपाल के वर्तमान जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति पार्षद होने के साथ एमआइसी मेंबर भी हैं ऊपर से उन्हे जिला अध्यक्ष भी बनाया गया है। इसी लिए कई पार्षद जिला कार्यकारिणी में शामिल होने का सपना देख रहे हैं और प्रदेश अध्यक्ष के ऊपर लगातार दबाव बना रहे हैं। इसी लिए कार्यकारिणी जारी करने में लगातार देरी हो रही है।
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