बीजेपी का जिला कार्यकर्ता सम्मेलन बना 'शक्ति' प्रदर्शन का 'अखाड़ा' जिला अध्यक्ष की ओर सीएम के बढ़े हाथ तो मुस्कुराई तस्वीर
भोपाल बीजेपी के जिला कार्यकर्ता सम्मेलन में ऐसी कई चीजें नोटिस करने के लायक थीं जिन्हे मौके पर मौजूद लोगों ने महसूस तो किया लेकिन शब्दों में बयां नहीं कर सकते क्योंकि वो भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं लिहाजा मुंह में पट्टी बांधे रखने में ही उनकी भलाई है। दरअसल भोपाल जिले का कार्यकर्ता सम्मेलन प्रदेश कार्यालय के हाल में आयोजित किया गया था। जिसको जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति ने शक्ति प्रदर्शन का केन्द्र बना दिया। जिस हाल में यह सम्मेलन आयोजित किया गया उसमें भेड़-बकरियों की तरह कार्यकर्ताओं को भरा गया और फिर गेट को बंद कर दिया गया। गेट से कोई बाहर न जाए उसके लिए जिला अध्यक्ष ने दोनों गेट पर अपने निजी बाक्सरों को पहले ही तैनात कर दिया था। हाल में पैर रखने के लिए जगह तक नहीं थी। महिला कार्यकर्ताओं की भी बड़ी संख्या थी। कुछ महिलाओं को खड़ा देख राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश को बोलना पड़ा कि महिलाओं को स्थान देने के लिए पुरुष कुर्सी छोड़ दें। अब सवाल इस बात का उठता है कि जब इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को बुलाना था तो किसी ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित होना चाहिए था लेकिन बड़े ग्राउंड पर कार्यक्रम सम्मेलन होता तो वहां जिला अध्यक्ष की पोल खुल जाती लिहाजा उन्होंने प्रदेश कार्यालय स्थित हाल में ही सम्मेलन आयोजित कर शक्ति प्रदर्शन करना उचित समझा। इस कार्यक्रम में बहुत से ऐसे चेहरे भी दिखे जो भाजपा के कार्यकर्ता नहीं थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चे भी देखने को मिले। इस प्रकार से सम्मेलन में भीड़ बढ़ाने के लिए जो कार्यकर्ता नहीं तो उन्हें भी शामिल किया गया। सम्मेलन के दौरान सीएम यादव ने जिला अध्यक्ष की पीठ पर हाथ रखा तो अध्यक्ष को लगा मानो उनकी टिकट फायनल हो चुकी है। सीएम का हाथ बढे़ उसके पहले जिला अध्यक्ष के कंधे झुक गए। चेहरे पर जो मुस्कान थी वो जिम्मेदारी का कम कार्यक्रम के सफल होने का अहसास ज्यादा करा रही थी। खैर मामला भाजपा नेताओं के संज्ञान में है क्योंकि भोपाल की एक दो सीट छोड़ कर प्रत्येक सीट पर प्रत्याशी पहले से तय हैं ऐसी स्थिति में बढ़ते हाथ और झुकते कंधे का कोई ज्यादा महत्व नहीं रह जाता।
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