माहौल बनाने वाली सीएम हाउस की बैठक और मंत्रियों के 'परफॉर्मेंस' रिपोर्ट की अफवाह सोशल मीडिया में जमकर बटोर रही सुर्खियां
सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित प्रदेश प्रभारी जब भी बैठते हैं तो मंत्रिमंडल विस्तार और परफॉर्मेंस रिपोर्ट की अफवाह पूरे शबाब पर होती है। मीडिया के सूरमा भीड़ में सबसे आगे दिखने के लिए सोशल मीडिया में तत्काल लिखने लगते हैं कि अब जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार होगा और जिन मंत्रियों की परफॉर्मेंस ठीक नहीं उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। बैठक किसी अन्य मक्सद से होती है और बाहर खबरें कुछ और उड़ने लगती हैं। इन अफवाहों से सीएम का काम भी आसान हो जाता है। जैसे ही सोशल मीडिया में मंत्रिमंडल विस्तार और मंत्रियों के परफॉर्मेंस रिपोर्ट की अफवाहें उड़ने लगती हैं तो जो मंत्री 'रेड जोन' में आते हैं वो तत्काल सीएम साहब के पास हाजिरी लगाने पहुंच जाते हैं और सीएम से कहते हैं कि साहब मेरे विभाग का काम ठीक चल रहा है। गौरतलब है कि महीने भर पहले सीएम हाउस में मंत्रियों का वन टू वन हुआ था। उसमें भी कुछ चुनिंदा मंत्रियों को ही शामिल किया गया था। कुछ मंत्री तो ऐसे भी रहे हैं जो दो से तीन मिनट वन टू वन में बैठे और बाहर आ गए अंदर हंसी मजाक हुआ और वो बाहर आ गए। 22 जून को एक बार फिर सीएम हाउस में अध्यक्ष और कुछ चुनिंदा पदाधिकारियों की बैठक हुई जिसके बाद अफवाह जोर पकड़ने लगी की मंत्रियों के परफॉर्मेंस रिपोर्ट पर चर्चा हो रही है और रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी उसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार संभावित है। जबकि इस बैठक का मंत्रिमंडल विस्तार और उनके परफॉर्मेंस रिपोर्ट से कोई लेना देना नहीं था। बैठक का मक्सद सरकार और संगठन की ओर से चलाए जा रहे अन्य अभियानों को लेकर था। लेकिन खबर उसके उलट परफॉर्मेंस रिपोर्ट और विस्तार पर आ गई। अब सवाल इस बात का उठता है कि परफॉर्मेंस रिपोर्ट पर कितनी बार चर्चा होगी और कितनी बार रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी। इससे पहले भी जब वन टू वन हुआ तब भी यही कहा गया कि रिपोर्ट दिल्ली भेजी गई है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। ये सत्य है कि मंत्रिमंडल विस्तार होना है। एक से दो मंत्रियों को हटाया भी जाना है और करीब छह नए विधायकों की मंत्री के रुप में शपथ होनी है लेकिन सोमवार को जो बैठक हुई उसका मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट से कोई लेना देना नहीं है। यह सिर्फ सोशल मीडिया में पकाई जा रही खिचड़ी है जिससे भविष्य में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार के बाद लोग ये लिख सकें की मेरी खबर पर मुहर लगी। यह पूरा खेल सिर्फ खबर पर मुहर लगाने का है उससे ज्यादा और कुछ नहीं है।
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