SIR में हजारों मामले ऐसे पाए गए जहां बच्चों की उम्र पिता से ज्यादा पाई गई सुधार में जुटा निर्वाचन आयोग
भोपाल में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान डेटा में ऐसी गड़बड़ियां सामने आई हैं जिसके कारण निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन के होश उड़ गए हैं। जिले में करीब 7 लाख मतदाताओं के डिजिटल रिकॉर्ड में तार्किक त्रुटियां (Logical Errors) पाई गई हैं। इनमें सबसे चौंकाने वाले मामले ऐसे हैं जहां तकनीकी गड़बड़ी के कारण माता-पिता की उम्र उनकी संतान से भी कम दर्ज हो गई है। बीएलओ (BLO) एप के जरिए की गई छंटनी में भोपाल और मध्यप्रदेश स्तर पर लाखों गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं। भोपाल में 1.19 लाख और प्रदेश में 39 लाख ऐसे मतदाता मिले हैं, जिनकी उम्र उनके माता-पिता से महज 15 साल कम या उससे भी कम दर्ज है। करीब 18 हजार मामलों में माता-पिता की उम्र मतदाता से 50 साल से भी ज्यादा बड़ी दिखाई गई है। जिले के 46 हजार मतदाताओं के रिकॉर्ड में 6 या उससे अधिक संतानें दर्ज पाई गई हैं। पिता के नाम में मिसमैच और जेंडर की गड़बड़ी के भी लाखों मामले सामने आए हैं। एसआइआर के दौरान मिली गड़बड़ियों में लगातार सुधार का काम तो किया जा रहा है लेकिन प्रदेश के जो वोटर हैं उनके मन में निर्वाचन आयोग के प्रति संदेह की स्थिति बन गई है जिसे ठीक करना अब आयोग की प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।
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