विंध्य को मिलेगा एक और मंत्री मोहन मंत्रिमंडल में आएगी 'सुनामी' अप्रत्याशित होंगे बदलाव
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने अपने कार्यकाल के ढाई साल पूरे कर लिए हैं। जिसमें सीएम समेत कुल 31 मंत्री हैं। चार मंत्रियों के लिए अब भी मोहन सरकार में पद खाली हैं जिसको लेकर आए दिन सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म रहता है। अब सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद इस बात की सुगबुगाहट तेज हो गई है कि मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। हांलांकि अभी तक संगठन अथवा सरकार की तरफ से ऐसी कोई पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन प्रदेश में दिख रहे राजनीतिक हालात और सीएम यादव के लगातार दिल्ली दौरे यह संकेत दे रहे हैं कि मंत्रिमंडल में एक सुनामी आने वाली है। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार अगर मंत्रिमंडल में विस्तार होता है तो करीब एक दर्जन मंत्रियों की विदाई तय है और उतने ही नए मंत्रियों को मौका दिया जा सकता है। वर्तमान में सभी विभागों के कामकाज की रिव्यू रिपोर्ट मांगी गई है। मतलब साफ है कि जिन मंत्रियों की परफॉर्मेंस ठीक नहीं है उनकी विदाई जरुर होगी। अगर मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो विंध्य को भी फायदा होने की संभावना है। क्योंकि विंध्य भाजपा का गढ़ है लेकिन वहां से सिर्फ दो मंत्री हैं और दोनों खाना पूर्ति के अलावा कुछ नहीं हैं। राजेन्द्र शुक्ल तो डिप्टी सीएम होने के बाद भी जनता से सीधे कनेक्ट नहीं हैं दूसरी मंत्री राधा सिंह हैं जिनका मंत्री रहने और न रहने से कोई मतलब नहीं है। ऐसी स्थिति में विंध्य की जनता में सरकार के प्रति विरोध की स्थिति उत्पन्न हो रही है। माना जा रहा है कि एक मंत्री क्षत्रिय वर्ग से विंध्य में शामिल किया जाएगा। बांकी ग्वालिर-चंबल,मालवा और महाकौशल से भी एक-एक मंत्री शामिल होने की संभावना है। अब जो मंत्रिमंडल बनेगा उसमें सोशल इंजीनियरिंग का खासा ध्यान रखा जाएगा जिससे विधानसभा चुनाव में फायदा उठाया जा सके।
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