ये कैसी विधायकी पद बरकरार रहेगा लेकिन अधिकार नहीं राज्यसभा में वोटिंग भी नहीं कर पाएंगे मुकेश मल्होत्रा
विजयपुर विधानसभा सीट से मुकेश मल्होत्रा की विधायकी को सुप्रीमकोर्ट ने बरकरार रखा है। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि फैसला आने तक मुकेश मल्होत्रा विधायक बने रहेंगे। लेकिन राज्यसभा चुनाव की वोटिंग में वो हिस्सा नहीं ले सकेंगे। अंतिम निर्णय तक उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन और भत्ते नहीं दिए जाएंगे। कांग्रेस नेता की तरफ से राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने न्यायालय में दलील पेस की थी। इस फैसले के तहत मुकेश मल्होत्रा विधायक बन कर भी विधायक नहीं रहेंगे क्योंकि उनके पास कोई अधिकार नहीं रहेगा। अब सवाल इस बात का उठता है कि जून के महीने में मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों में चुनाव होना है जिसमें एक सीट कांग्रेस के खाते की है और उसमें दिग्विजय सिंह राज्यसभा सांसद हैं। अब दिग्विजय सिंह की सीट कर भाजपा की नजर है। भाजपा चाहती है कि एक और नेता को दिग्विजय सिंह की जगह पर अर्जेस्ट किया जा सके। अगर भाजपा ने पांच विधायकों की क्रास वोटिंग करवा ली तो आगे कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है। गणित के हिसाब से एक राज्यसभा सांसद के लिए 58 वोटों की जरुरत पडेगी जिसमें बीना से विधायक निर्मला सप्रे पहले से ही पाला बदल चुकी हैं। और अब मुकेश मल्होत्रा की वोटिंग पर रोक लगने के बाद कांग्रेस के लिए समस्या खड़ी हो सकती है। अब इस सीट के लिए अगर कांग्रेस के पांच विधायक क्रास वोटिंग करते हैं तो तीनों राज्यसभा की सीटें भाजपा के खाते में आ जाएगी।
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