'स्ट्रीम पॉलिटिक्स' से दूर रहे पवैया की वापसी से ग्वालिय-चंबल में पावर का नया सेंटर किया गया स्थापित
जयभान सिंह पवैया की वित्त आयोग के अध्यक्ष के रुप में नियुक्ति कर भाजपा ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सत्ता का एक नया केंद्र स्थापित कर दिया है। पवैया लंबे समय से मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स में नहीं थे। ग्वालियर में उनकी राजनीति महल के खिलाफ ही रही है। एमपी में हिंदुत्व के फायर ब्रांड चेहरे के रूप में अपनी पहचान रखने वाले जयभान सिंह पवैया को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। एक समय में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पवैया का बड़ा नाम था। 2018 के विधानसभा में चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। पवैया को 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला। जयभान सिंह पवैया ताजपोशी के दौरान सियासी गलियारों में एक बड़ा मैसेज गया है। जयभान सिंह पवैया की ताजपोशी में एमपी को दोनों डेप्युटी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला पहुंचे। इसके साथ ही सरकार के कद्दावर मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल समेत अन्य मंत्री वहां मौजूद थे। पवैया का बैकग्राउंड संघ से है। साथ ही संगठन में भी अच्छी पकड़ रखते हैं। सियासी जानकारों का कहना है कि उस इलाके में दो दिग्गजों के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष को कंट्रोल करने के लिए जयभान सिंह पवैया का कद बढ़ाया गया है। मतलब साफ है कि अब ग्वालियर-चंबल में सीएम ने अपनी तीसरी आंख तैनात कर दी है जो उनके हिसाब से ही काम करेगी।
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