राजेन्द्र भारती को बचाने की कवायद या फिर राज्य सभा सीट बचाने का टेंशन रात में विधानसभा पहुंचे पीसीसी चीफ पटवारी
दतिया विधायक राजेन्द्र भारती के खिलाफ कोर्ट से फैसला आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देर रात विधानसभा में छापा मारा। जहां प्रमुख सचिव से मुलाकात के बाद पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए बीजेपी के इशारे पर रात में ही विधानसभा सचिवालय खोल दिया गया। समर्थकों के साथ आधी रात के करीब दस बजे सचिवालय पहुंचे पटवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी के कहने पर रात को सचिवालय खोला गया है। पटवारी के साथ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी थे। कांग्रेस टीम के पहुंचने पर सचिव थोड़ी देर में ऑफिस से चले गए। गौरतलब है कि राजेंद्र भारती दतिया विधानसभा सीट से विधायक हैं, और एफडी फर्जीवाड़े मामले में एमपी- एमएलए कोर्ट से उन्हें 3 साल की जेल की सजा मिली है। कोर्ट ने विधायक राजेंद्र भारती और एक पूर्व बैंक कर्मचारी को 1998 से 2011 के बीच अवैध तरीके से ब्याज हासिल करने के लिए बैंक रिकॉर्ड में हेराफेरी से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में 3 साल की जेल की सजा सुनाई। साथ ही भारती और पूर्व कैशियर रघुवीर शरण प्रजापति पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि इससे पहले दिल्ली की MP-MLA कोर्ट ने बुधवार को धोखाधड़ी के मामले में भारत को दोषी ठहराया था। नियम के मुताबिक 2 साल या उससे अधिक की सजा होने के मामले में जनप्रतिनिधि की सदस्यता रद्द हो सकती है। ऐसे में कांग्रेस विधायक की विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं उनके पास अपनी सजा के खिलाफ 6 दिनों के अंदर चुनौती देने का विकल्प है। इस बात में कोई सक नहीं कि राजेन्द्र भारती की विधायकी जाती है तो कांग्रेस के खाते की एक राज्यसभा सीट पर भी संकट के बादल मंडराने लगेंगे। यही कारण है कि कांग्रेस के लिए राजेन्द्र भारती की विधायकी को बचाना जरुरी हो गया है।
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