भाजपा के रास्ते पर कांग्रेस जिलों में संगठन महासचिव की तैनाती कर चुनाव की होगी तैयारी
मप्र कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए भाजपा की नकल करने से भी कोई परहेज नहीं कर रही है। और यही कारण है कि कांग्रेस ने भाजपा की तर्ज पर जिलों में संगठन महासचिवों की तैनाती की है। पार्टी की तरफ से जिलों में नियुक्त किए गए महासचिव मंडलम्, पंचायत,वार्ड और मोहल्ला समितियों के गठन और उनके कामों के बीच समन्वय की कमान संभालेंगे। कांग्रेस की तरफ से यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि प्रदेश कांग्रेस का जिलों की टीम पर सीधा नियंत्रण रहे। कांग्रेस संगठन इनके माध्यम से ही अपने निर्देशों को जिलों में क्रियान्वित कराएगी। ये महासचिव प्रतिमाह प्रदेश इकाई को जिलों में संगठन की गतिविधियों की रिपोर्ट देंगे। साथ ही कहीं कोई गड़बड़ी है तो प्रदेश संगठन का ध्यान भी वो ध्यान आक्रृष्ट कराएंगे। कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने तय किया है कि फरवरी के अंत तक मोहल्ला स्तर तक संगठन के गठन का काम पूरा करना है। इसके लिए जिला और ब्लाक अध्यक्षों को समन्वय बना कर काम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गौरतलब है कि दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में हुई मप्र कांग्रेस की बैठक में कई विसंगतियां पाई गई हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व ने जिस उम्मीद से साल 2025 को संगठन सृजन अभियान मनाने का ऐलान किया था वो पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाया। क्योंकि सभी प्रकार की नियुक्तियां बीते साल ही हो जानी चाहिए थी लेकिन पार्टी में चल रही भारी गुटबाजी के कारण प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा दिए टारगेट को पूरा करने में नाकाम रहे। लिहाजा इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अब सभी प्रकार की नियुक्तियों को जल्द करने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि साल 2027 में निगम और पंचायत स्तर के चुनाव होना है जिसमें कांग्रेस जोरदार तरीके से वापसी कर विधानसभा चुनाव की तैयारियों को पुख्ता करना चाहती है और जनता के बीच एक मैसेज देना चाहती है जिससे जनता का मूड कांग्रेस की तरफ मोड़ा जा सके और साल 2028 में कांग्रेस भाजपा को मजबूती के साथ टक्कर दे पाए।
What's Your Reaction?