भाजपा के रास्ते पर कांग्रेस,प्रदेश को पांच हिस्सों में बांट कर चुनावी रणनीति को अंजाम देगी कांग्रेस
पूर्व सीएम कमलनाथ हमेशा भाजपा के संगठन की तारीफ करते थे और वो यही कहते थे कि उनकी लड़ाई भाजपा की सरकार से नहीं बल्कि संगठन.से है लिहाजा उन्होने कांग्रेस के संगठन को मजबूत बनाने का तमाम प्रयास किए और उनके हाथ नाकामी ही लगी। विधानसभा चुनाव हुए और पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। अध्यक्ष बदला गया और फिर जीतू पटवारी के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव हुआ तो उसमें भी भाजपा ने क्लीनस्वीप कर कांग्रेस को चारों खाने चित्त कर ये बता दिया कि चुनाव मजबूत संगठन और कुशल रणनीति से लड़े और जीते जाते हैं। भाजपा के उसी मजबूत संगठन से सीख लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी में कई तरह का नवाचार किया। संगठन सृजन अभियान चलाया और उसी के तहत जिलों के अध्यक्षों की नियुक्ति की गई। अब जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद कांग्रेस और आगे बढ़ चली है। कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान पंचायत स्तरीय इकाई के गठन के साथ पूरा हो जाएगा। इसके बाद संगठन चुनाव की तैयारी में जुटेगा। इसके लिए कांग्रेस प्रदेश को पांच हिस्सों में विभाजित करेगा। जिसमें ग्वालियर- चंबल,मालवा-निमाड़, महाकोशल,मध्य क्षेत्र और बुंदेलखंड में बांटा जाएगा। मैदानी तैयारी करने के लिए वरिष्ठ नेताओं के साथ क्षेत्र के पदाधिकारियों की टीम बनेगी। इसका काम उन क्षेत्रों को चिन्हित करना होगा,जहां पार्टी थोड़ा और जोर लगाए तो परिणाम पक्ष में आ सकते हैं। कांग्रेस अपनी इस रणनीति में स्थानीय नेताओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा कर पार्टी को मजबूत करने के साथ चुनावी रणनीति को अंतिम रुप दिया जाएगा। कांग्रेस को अब ये समझ आ चुका है कि अगर भाजपा से टक्कर लेनी है तो उसी की तरह संगठन खड़ा करना पड़ेगा। लिहाजा जिस प्रकार से भाजपा के नेता सोचते हैं और करते हैं कुछ उसी प्रकार से कांग्रेस भी करने की कोशिश कर रही है।
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