कांग्रेस में सीनियर नेताओं को साइड लाइन कर 'दायरे' में रह कर काम करने की दी जा रही नसीहत
मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठन को अनुशासित और प्रभावी बनाने के लिए विभाग और मोर्चा-प्रकोष्ठों को तय दायरे (सीमा) में काम करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के फेसबुक पेज द्वारा समय-समय पर नई नियुक्तियां (जैसे सफाई मजदूर कामगार प्रकोष्ठ) कर कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने को कहा जा रहा है, जिससे गुटबाजी पर लगाम लगे और सीधे जनता से जुड़ाव बढ़े। सभी प्रकोष्ठों को प्रदेश कांग्रेस के निर्देशों का पालन करते हुए अपनी निश्चित सीमाओं में रहकर कार्य करना होगा। जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं को महत्व दिया जा रहा है और दतिया, सिंगरौली जैसे जिलों में नई कार्यकारिणियों के माध्यम से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पार्टी की गुटबाजी खत्म कर चुनाव की तैयारियों को अंजाम देना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को धीरे-धीरे साइड लाइन भी किया जा रहा है जो गुटबाजी को लगातार बढ़ावा देते रहे हैं। ऐसी स्थिति में ने कार्यकर्ता तो कांग्रेस में तैयार हो रहे हैं लेकिन जो सीनियर नेता हैं उनकी नाराजगी प्रदेश संगठन के खिलाफ बढ़ती ही जा रही है। सीनियर नेताओं की नाराजगी के बीच ही प्रदेश अध्यक्ष पटवारी आगे के चुनाव में फतह हासिल करने के लिए एक नई टीम तैयार करने का प्रयास कर रहे हों जो पार्टी के कार्यकर्ताओं की समझ से परे हो रहा है।
What's Your Reaction?