कैलाश विजयवर्गीय की बिदाई लगभग तय नेतृत्व जल्द लेगा फैसला समिधा में भी हुई सुनवाई
मध्य प्रदेश की सियासत में आने वाले दिनों में भारी बदलाव देखने को मिलने वाला है। दरअसल जिस प्रकार से इंदौर का भागीरथपुरा दूषित पानी का मामला सामने आया उससे पीएम मोदी की छवि को भी गहरा धक्का लगा है। और वर्तमान भाजपा में कुछ भी बर्दास्त किया जा सकता है लेकिन पीएम मोदी के सम्मान को धक्का लगे वो बीजेपी को बर्दास्त नहीं है। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने स्वच्छता की अलख पूरे देश में जगाई और इंदौर में दूषित पानी की घटना ने स्वच्छता अभियान पर ही सवाल खड़ा कर दिया। यही कारण है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर कैलाश विजयवर्गीय को ध्वजारोहण की अनुमति प्रदान नहीं की गई जिससे किसी प्रकार का मुद्दा न बनने पाए। दूषित पानी मामले को लेकर 17 जनवरी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इंदौर दौरे पर आए थे। लेकिन फूल सिंह बरैया केक्षविवादित बयान के चलते राहुल गांधी के दौरे पर पानी फिर गया लेकिन आए दिन अब भी दूषित पानी मामले में मौतों की खबरें लगातार आ रही है जिसके कारण मामला अब भी ठंडा नहीं हुआ है। इन्ही घटनाओं को देखते हुए कैलाश विजयवर्गीय को पहले दिल्ली तलब किया गया उसके बाद अब भोपाल के संघ कार्यालय समिधा में भी बुलाया गया था। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय और संघ पदाधिकारियों के बीच करीब आधे घंटे तक चर्चा हुई है। हालांकि इस मुलाकात को सामान्य बताया जा रहा है। लेकिन हकीकत इससे कोशों दूर है। पर्दे के पीछे कैलाश विजयवर्गीय की स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है। उन्हें मंत्री पद से हटा कर पश्चिम बंगाल की कुछ विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपने की योजना तैयार हो चुकी है। विजयवर्गीय के साथ ही कुछ और वरिष्ठ नेता भी हैं जिनके पूर्व के बयान काफी चर्चा का विषय रहे हैं और उससे भाजपा की शाख को काफी धक्का पहुंचा है। प्रहलाद पटेल ने भी अपने विवादित बयान से पार्टी के लिए समस्या खड़ी की थी। वो भी पार्टी के निशाने पर हैं। हालांकि उन्हें इस बात का अहसास है कि वो पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगे इसलिए वो पहले से ही अपनी फील्डिंग जमाने में लगे हैं। मतलब साफ है कि आने वाला महीना भाजपा संगठन और सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है।
What's Your Reaction?