सामान्य वर्ग के युवाओं के लिए मोहन सरकार के पास नहीं है कोई योजना पिछड़ा वर्ग के युवाओं को विदेश भेजेगी सरकार
सरकार की नजर में देश और प्रदेश का नागरिक एक समान होता है। और सभी जाति वर्गों को समान बनाने के लिए ही आरक्षण जैसी व्यवस्था लागू है। इतना सब कुछ करने के बाद भी प्रदेश की मोहन सरकार सामान्य वर्ग के साथ भेदभाव करने से नहीं चूक रही है। मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार ने सामान्य वर्ग के युवाओं के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाते हुए सिर्फ पिछड़े पिछड़े वर्ग के “बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022” को संशोधित कर “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025” की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार आगामी 3 वर्ष में 45 करोड़ रुपये व्यय किया जाकर प्रतिवर्ष पिछड़े वर्ग के 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा। अब सवाल ये उठता है कि क्या सामान्य वर्ग में गरीब लोग नहीं हैं। आज लाखों की संख्या में सामान्य वर्ग के युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। लेकिन राज्य सरकार को सामान्य वर्ग के युवाओं की बेरोजगारी नहीं दिखती। सिर्फ पिछड़ा वर्ग के लिए ही सरकार की सभी योजनाएं संचालित होती हैं और वहीं से योजनाएं खत्म भी हो जाती हैं।
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