'घंटा' कांड के बाद सतना में विनम्रता का पाठ पढ़ाते नजर आए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी मामले के दौरान विवादित बयान देने वाले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सुर बदलने लगे हैं। देश भर में 'घंटा' मंत्री के नाम से मशहूर हो चुके मोहन सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक के बाद एक लगातार विवादित बयान दिए। भोपाल से लेकर दिल्ली संगठन के साथ उनकी लगातार बैठकें हुई और पार्टी स्तर पर कैलाश विजयवर्गीय को काफी कुछ सुनने को मिला। शुक्रवार को कैलाश विजयवर्गीय अपने प्रभार वाले जिले सतना के दौरे पर थे जहां उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते हुए जिला कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पद मिलने के बाद इंसान में विनम्रता आना जरुरी है। क्योंकि क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ता आपके पास अपने काम के लिए आते हैं और उन्हें आपसे काफी उम्मीदें होती हैं। ऐसी स्थिति में आपको विनम्रता बनाए रखनी चाहिए न की स्वभाव आक्रामक होना चाहिए। विनम्रता ही राजनीति में सफलता की कुंजी है। कैलाश विजयवर्गीय की यह सीख और ज्ञान यह दर्शाता है कि पिछले कुछ समय से अपने बयानों के कारण जिस प्रकार से उनकी और सरकार की किरकिरी हुई है उससे बचने के लिए विनम्रता ही असल हथियार है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि जब हमें कोई जिम्मेदारी मिलती है, तो हमें अपनी कॉलर खड़ी नहीं करनी चाहिए, बल्कि और अधिक विनम्र होकर काम करना चाहिए। उन्होंने पदाधिकारियों को अधिकारियों से अनावश्यक रूप से न उलझने की सलाह दी। विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार अपनी है, इसलिए अधिकारियों से जबरदस्ती न भिड़ें। मंत्री जी जागे लेकिन जागने में देरी कर दी। हांलांकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने वरिष्ठ नेता की बात ध्यान से सुनी और उसका अनुसरण करने का भी आश्वासन दिया।
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