फरवरी महीने से अब तक एमपी में आठ लाख करोड़ से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतरे आधी आबादी की बढ़ी भागीदारी
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में यंग इंटरप्रेन्योर फोरम समिट को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने बताया कि इसी साल फरवरी में हुई जीआईएस से मध्यदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें से रुपये 8.57 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। प्रदेश में आज 6 हजार 400 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जिनमें से 3 हजार से अधिक स्टार्टअप यानी लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा संचालित है। उन्होंने बताया कि नये स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक समग्र और दूरदर्शी नीति लागू की है। इसके अंतर्गत सीड फंड के रूप में प्रति स्टार्टअप 30 लाख तक सहायता, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा मान्यता वाले स्टार्टअप्स के लिए 100 करोड़ का निवेश कोष, निवेश अथवा ऋण पर 18 प्रतिशत तक सहायता और 72 लाख तक सब्सिडी दी जा रही है। घरेलू पेटेंट के लिए रुपये 5 लाख तक की और अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट के लिए रुपये 20 लाख की सहायता दी जा रही है। घरेलू पेटेंट के लिए रुपये 5 लाख तक की और अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट के लिए रुपये 20 लाख की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे रुपये 43 लाख 20 लाख 4 वर्षों में 3 हजार अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं। पिछले हजार से अधिक नई 26 विनिर्माण इकाइयां स्थापित हुईं। इनमें 66 हजार करोड़ से अधिक निवेश और 1 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने यंग इंटरप्रेन्योर फोरम समिट के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में हुई यह नई पहल अब देश-विदेश में भी नव उद्यम का नया अलख जगायेगी।
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