'तमाचा' जड़ो फिर संगठन के कहने से खेद व्यक्त कर दो ये लोधी की दबंगई है या भाजपा की 'मजबूरी'

Apr 24, 2026 - 10:34
 0  99
'तमाचा' जड़ो फिर संगठन के कहने से खेद व्यक्त कर दो ये लोधी की दबंगई है या भाजपा की 'मजबूरी'

गुरुवार को दिन भर प्रीतम लोधी का इंतजार चलता रहा। मीडिया इंतजार करती रही कि प्रीतम लोधी प्रदेश कार्यालय आएगा और संगठन की तरफ से बात की जाएगी। लेकिन भाजपा संगठन ने लोधी मामले को शांत करने के लिए हवा का रूख बदला और ट्रेलर के रुप में निगम-मंडलों की नियुक्ति कर मीडिया को उसी में व्यस्त कर दिया। जब मीडिया का ध्यान प्रीतम लोधी से हटा तो उसको सीएम हाउस पहुंचा दिया गया जहां पर सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मौजूद थे। तीनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बात हुई। प्रीतम लोधी ने सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के सामने अपना पक्ष रखा। तस्वीर में दिख रही भाव भंगिमा से ये साफ है कि प्रीतम लोधी के तेवर सीएम और अध्यक्ष के सामने भी ढीले नहीं पड़े हैं। काफी देर तक समझाइश के बाद प्रीतम लोधी खेद व्यक्त करने के लिए तैयार हुए। एक पोलिटिकल ड्रामे की स्क्रिप्ट पहले से ही तैयार थी जिसके तहत दो न्यूज एजेंसियों को पहले ही बुला लिया गया था। सीएम और प्रदेश अध्यक्ष से मिलने के बाद विधायक प्रीतम लोधी न्यूज एजेंसियों के सामने आए और अपने द्वारा दिए बयान पर खेल व्यक्त करते हुए कह गए कि जांच होगी तो सब सामने आ जाएगा। सारे घटना क्रम में हुआ कुछ नहीं हमेशा की तरह इस बार भी समझाइस का ही दौर चला। अब सवाल इस बात का उठ रहा है कि भाजपा के विधायक इतने हाइपर क्यों हो रहे हैं। ऐसा कोई महीना नहीं बीतता जब भाजपा का कोई विधायक विवादित बयान न देता हो। जो नेता संयमित बयान देने के लिए जाने जाते थे आज वो नेता भी विवादित बयान देकर सरकार और संगठन के आंख की किरकिरी बन रहे हैं। भाजपा संगठन की लाख कोसिशों के बाद भी भाजपा अपने जन प्रतिनिधियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाने में नाकाम साबित हो रही है। जिस पार्टी में अनुशासन ही उसकी पहचान होता था आज उसी पार्टी के नेता उसी अनुशासन को तार-तार करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। यहीं पर अगर कोई अधिकारी होता तो सीएम साहब मंच से ही उसको निलंबन का आदेश सुनाते अथवा तबादला कर देते लेकिन यहां तो सवाल विधायक का है और फिर अगले महीने राज्यसभा का चुनाव है। तीसरी सीट जीतने का दबाव भी है। लिहाजा भाजपा संगठन और सरकार के हाथ में करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। सारे घटना क्रम के बाद एक बात जरुर निकल कर सामने आई कि गलती करो और फिर खेद व्यक्त करके सारे मामले से बरी हो जाओ।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow