योग के राजा 'शीर्षासन' से प्रदेश के 'राजा' बनने में 'शीर्षासन' का योगदान
मध्य प्रदेश की राजनीति में साल 2023 में क्या हुआ सभी को मालूम है। भाजपा की प्रचंड जीत के बाद भी मध्य प्रदेश की राजनीति से शिवराज सिंह चौहान की बिदाई किसी राजनीतिक विश्लेषक के गले नहीं उतरी। और जिस प्रकार से डाक्टर मोहन यादव को सीएम के रुप में चुना गया वो भी किसी को समझ नहीं आया। आखिरकार मोहन यादव सीएम बने और दो साल का वक्त भी उन्होंने सफलता के साथ बिता लिया। शुरुआती दौर में तो लोग उनको समझने का प्रयास करते रहे लेकिन सीएम मोहन यादव ने अपने काम से यह बताया कि वो कोई लाटरी की टिकट लेकर सीएम नहीं बने हैं बल्कि उन्होंने राजनीति में अपने प्रतिद्वंदियों को 'शीर्षासन' करने पर मजबूर कर दिया। सीएम यादव को लेकर कई तरह के कयास लगाए गए लेकिन सभी कयासों को उन्होंने गलत साबित कर अपनी एक अलग पहचान स्थापित की। दो दिन पहले सीएम मोहन यादव हरिद्वार में योग गुरु बाबा रामदेव से मिले और उनके साथ शीर्षासन किया। इस शीर्षासन की प्रदेश की राजनीति में खूब चर्चा हो रही है। लोग इस शीर्षासन को राजनीति से जोड़ कर देख रहे हैं। अब ये भी समझ लें कि शीर्षासन के क्या फायदे हैं। शीर्षासन एक उन्नत योग मुद्रा है, जिसे 'आसनों का राजा' कहा जाता है। यह सिर और हाथों के सहारे शरीर को उल्टा संतुलित करने की प्रक्रिया है। यह मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बढ़ाता है, एकाग्रता में सुधार करता है, तनाव कम करता है, पाचन को बढ़ावा देता है और कंधों को मजबूत बनाता है। इस आसन की खूबी समझने के बाद तो यह समझ में आ ही गया होगा कि योग के राजा से राजनीति के राजा का सफर कैसे आगे बढ़ा।
What's Your Reaction?