भोपाल में अधूरी दिल्ली में पूरी हुई निगम-मंडलों की बात भोज के बहाने सभी सांसदों से हुई रायशुमारी
मध्य प्रदेश भाजपा के संगठन और सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन रही निगम-मंडल की नियुक्ति पर छाए अनिश्चितता के बादल अब शायद छंट सकते हैं। दरअसल निगम-मंडल को लेकर को लेकर पिछले दो महीने से सरकार और संगठन की तरफ से मंथन चल रहा है। बार-बार सूची तैयार होती है दिल्ली जाती है और फायनल होने की बारी आती है तो कोई न कोई अड़चन जरुर आ जाती है। बुधवार को जब राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भोपाल दौरे पर आए तो कुछ देर के लिए राजनीतिक सिहरन जरुर बढ़ी लेकिन वह दौरा महज एक औपचारिकता मात्र निकला। गुरुवार को दिल्ली में मध्य प्रदेश के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के लिए सह भोज का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने गोल टेबलों पर सांसदों की अलग-अलग टोली के साथ प्रदेश अध्यक्ष बैठे और उनसे औपचारिक-अनौपचारिक बात करते रहे। इस दौरान एक-एक करके सभी सांसदों से निगम-मंडल को लेकर भी चर्चा हुई। दरअसल प्रदेश अध्यक्ष चाहते हैं कि जो अड़चनें आ रही हैं उन्हें एक साथ सुलझा लिया जाए जिससे रुक-रुक कर आ रहे व्यवधान को खत्म कर निगम-मंडल की सूची को जारी किया जा सके। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार करीब 30 से 35 नामों की सूची एक साथ जारी करने की योजना है जिसको लेकर सरकार-संगठन के बीच समन्वय नहीं बन पा रहा है ऊपर से बड़े नेता और व्यवधान पैदा कर रहे हैं जिसके कारण निगम-मंडल की सूची का मामला लगातार पिछड़ता जा रहा है। भोज से पहले प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की है और इस मुलाकात के बाद ही वो भोज में शामिल हुए इससे यह माना जा रहा है कि सूची को लेकर जो अनिश्चितता दिख रही थी वो अब खत्म होती नजर आ रही है और उम्मीद है कि अब सूची जारी होने में ज्यादा दिन नहीं लगेंगे और फरवरी के महीने में ही रिक्त पड़े निगम-मंडलों को अध्यक्ष मिल जाएंगे।
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