भाजपा के सहयोग सेल में कार्यकर्ताओं की घटती भीड़ दे रही कई प्रश्नों को जन्म
मप्र भाजपा अध्यक्ष की तरफ से कार्यकर्ताओं की सुविधा के लिए सहयोग सेल का आगाज किया गया है जिसके तहत हफ्ते में पांच दिन दो-दो मंत्रियों को प्रदेश कार्यालय में बैठने का निर्देश जारी किया गया है। प्रदेश कार्यालय की तरफ से सहयोग सेल को लगातार व्यवस्थित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्रियों के कक्ष में भीड़ जमा न होने पाए और जरुरत मंद कार्यकर्ता अपनी समस्या ठीक तरीके से मंत्री के सामने लेकर आ सके इसलिए टोकन सिस्टम भी लागू किया गया है जिसके तहत एक-एक करके कार्यकर्ताओं को मंत्री के कक्ष में भेजा जाता है। एक दिसंबर से शुरु हुई इस व्यवस्था में एक-दो दिन तक कार्यकर्ताओं को इस नवाचार की जानकारी नहीं होने से उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं पहुंची। उसके बाद तीन-चार दिसंबर को थोड़ा असर दिखा लेकिन अब कार्यकर्ताओं की भीड़ अचानक कम हो गई। बुधवार को प्रदेश कार्यालय में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह आए। उनके दो घंटे तक बैठने में अधिकतम 15 कार्यकर्ता उनके पास अपने काम के लिए आए जबकि कार्यालय की तरफ से ऐसी व्यवस्था बनाई गई है जिससे हर एक कार्यकर्ता की मंत्रियों से मुलाकात हो पाए। गिनती के कार्यकर्ताओं के पहुंचने से अब सवाल उठ रहे हैं कि भाजपा के कार्यकर्ताओं का खुद की सरकार और मंत्रियों पर ही शायद विश्वास नहीं है। क्योंकि मंत्री सभी कार्यकर्ताओं का लेटर लेकर उनके काम को पूरा कराने का आश्वासन तो दे रहे हैं लेकिन अलग-अलग विभागों के काम होने के कारण शायद कार्यकर्ताओं के कार्य हो नहीं रहे हैं और ये कार्यकर्ताओं के नाराजगी का बड़ा कारण भी बन रहा है। इसी लिए अब प्रदेश कार्यालय आने और समय खराब करने से कार्यकर्ता परहेज कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं की सहयोग सेल से घटती रुचि को लेकर देवी जुवां प्रदेश कार्यालय में भी फुसफुसाहट का दौर शुरु हो गया है कि सहयोग सेल में कार्यकर्ता रुचि क्यों नहीं ले रहे हैं। अथवा कार्यकर्ता इतने संतुष्ट हैं कि उन्हें कार्यालय आने अथवा मंत्रियों से कोई मतलब ही नहीं है।
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