वीडी और अमित शाह की मुलाकात सामान्य तो नहीं उससे कहीं अधिक है जिसके नतीजे भी जनता के सामने जल्द होंगे
मप्र भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा की शुक्रवार को केन्द्रीय मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात उनके प्रतिद्वंदियों के गले से नहीं उतर रही होगी। इस मुलाकात को कई नजरिए से देखा जा रहा है। दरअसल वीडी शर्मा का अध्यक्ष के तौर पर पांच साल- चार महीने का कार्यकाल रहा है इस दौरान उन्होने पार्टी को काफी मजबूत किया। पार्टी के लिए विभिन्न अभियान चलाए और उसमें कार्यकर्ताओं को लगातार एकजुट करने में उन्हें सफलता मिली। पहले उप चुनाव,फिर नगरीय निकाय और फिर विधानसभा और लोकसभा में अप्रत्याशित जीत दिला कर अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। इतना ही नहीं बिहार की 19 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई जिसमें 17 सीटों पर विजय हासिल हुई। यानि चुनावी रणनीति के मामले में वीडी शर्मा का वर्तमान में कोई मुकाबला नहीं है। यही कारण है कि राजनीतिक विश्लेषक अक्सर यही कहते हैं कि वीडी शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। जिस प्रकार से पूर्व अध्यक्ष की मुलाकात अमित शाह से हुई उसके बाद कयासों का दौर फिर तेज हो गया है। बिहार चुनाव के बाद यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी भी जा रही है। जल्द ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन होने वाला है। लिहाजा ऐसे मौके पर वीडी शर्मा की अमित शाह से मुलाकात के मायने अलग ही निकल रहे हैं। वीडी शर्मा के ट्रैक रिकार्ड को देखते हुए यह माना जा रहा है कि राष्ट्रीय टीम में वीडी शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। कुछ राजनीतिक विश्लेषक तो यहां तक कहते नजर आए हैं कि वीडी शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएं तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। क्योंकि प्रधानमंत्री ओबीसी वर्ग से आते हैं लिहाजा यह माना जा रहा है कि जेपी नड्डा की जगह पर किसी ब्राह्मण नेता को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती है। ऐसे में वीडी शर्मा की मुलाकात काफी महत्वपूर्ण है। मप्र भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनें या न बनें लेकिन ये तय है कि उनकी जिम्मेदारियां बढ़ने वाली हैं। हांलाकि पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा और उनके करीबी इस मुलाकात को सामान्य ही बता रहे हैं। लेकिन ये मुलाकात सामान्य तो नहीं उससे कहीं अधिक है।
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