बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की विनम्रता के आगे 'झुके' मंत्री कार्यकर्ताओं से कर रहे संवाद
केन्द्र सरकार द्वारा जारी गाइडलान के तहत मंत्रियों को अब हफ्ते में पांच दिन दो घंटे के लिए प्रदेश कार्यालय में बैठना है। इस दौरान मंत्रियों को न सिर्फ बैठना है बल्कि एक-एक कार्यकर्ता की बात सुननी है और यथा-उचित उनकी समस्या का समाधान भी करना है। लेकिन एमपी में माहौल थोड़ा अलग है। जिस प्रकार से एमपी में सीनियर नेताओं की एक फौज है उन्हें मनाना टेढ़ी खीर से कम नहीं है। लिहाजा ऐसे मामले में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के व्योहार के आगे खुद ही सारे मंत्री और विधायक झुक जाते हैं। मंगलवार को जब मंत्री राकेश सिंह प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे थे और करीब सभी कार्यकर्ताओं से फ्री हो चुके थे तो मीडिया कर्मियों के साथ राकेश सिंह अनौपचारिक बातें करने लगे। इसी दौरान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उसी कक्ष में आ गए। राकेश सिंह एक सीनियर नेता होने के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। इसके बाद भी जैसे ही प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल उनके कक्ष में आए तो वो उनके सम्मान में न सिर्फ खड़े हुए बल्कि अपनी कुर्सी पर जबरन उन्हें बैठा दिया। उसके बाद दोनों नेता हंसी ठिठोली भी करते नजर आए। राकेश सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी यह पहल अच्छी है। इससे मंत्रियों को भी यह समझ में आता रहेगा कि वो पहले कार्यकर्ता हैं फिर मंत्री और विधायक हैं। राकेश सिंह ने ये भी बताया कि जब प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यालय में बैठने का प्रस्ताव रखा था तो एक भी मंत्री ने प्रस्ताव का विरोध किए बगैर तत्काल इस प्रस्ताव को मंजूरी दी और नतीजा सभी के सामने है। मंत्री कार्यालय में आने लगे और कार्यकर्ताओं से वो लगातार मिल कर उनकी यथा संभव मदद करने की कोशिश भी कर रहे हैं। वहीं प्रदेश अध्यक्ष की इस पहल के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी खुशी देखने को मिल रही है। कुछ कार्यकर्ताओं ने इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि जो मंत्री बंगले में नहीं मिलते थे अब वही मंत्री यहां आसानी से मिल रहे हैं और उनकी बात भी सुन रहे हैं इससे अच्छा और क्या हो सकता है।
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