वृन्दावन ग्रामों के चयन में पिछड़ा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग समीक्षा बैठक में हुआ खुलासा
मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव की महत्वकांक्षी 'वृंदावन ग्राम' परियोजना के पिछड़ने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना का काफी पहले ऐलान किया था। कैबिनेट बैठक में भी अनुमोदन हो गया था। इस परियोजना के तहत मध्य प्रदेश के हर विधानसभा के एक गांव को सरकार वृंदावन गांव के रूप में विकसित करेगी। इस गांव को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। इन गांवों में सोलर लाइट के अलावा तमाम सुख सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें ऐसे गांव को सिलेक्ट किया जाएगा जिनकी आबादी 2 हजार से कम होगी। ऐसे गांव को आदर्श गांव बनाने के लिए सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी भवन, सोलर स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य केन्द्र, स्कूल भवन, पुस्तकालय, ग्रामीण सड़क, ड्रिप इरिगेशन, शांति धाम, जल निकासी के लिए नाली, सार्वजनिक उद्यान को विकसित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा बजट का प्रावधान किया जाना है। घोषणा के तहत सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में एक गांव का चयन होना था लेकिन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से अब तक 155 गांवों का ही चयन हो पाया है। इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब सीएम मोहन यादव विधानसभा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे। मामले की जानकारी होने के बाद सीएम ने बाद में कहा कि गांव के चयन में सीघ्रता लाई जाए जिससे उन गांव में विकास के कार्य भी शुरु हो सकें।
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