'महिलाएं किचन और घूंघट से बाहर नहीं आतीं' पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधो ने सुनाया दिग्विजय सरकार का किस्सा
भोपाल के रविन्द्र भवन में आयोजित कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों के सम्मेलन में महिला आरक्षण का मुद्दा जम कर गर्माया रहा। महिला आरक्षण पर कांग्रेस की नेत्रियों के स्वर पार्टी के बिपरीत नजर आए। इस सम्मेलन में पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधो ने पुरानी बातों का खुलासा कर पार्टी की पोल खोलने में कोई कोताही नहीं बरती। विजयलक्ष्मी साधो ने अपनी ही पार्टी के सीनियर नेताओं पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के कई धुरंधर नेता थे जो महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के खिलाफ थे। पूर्व मंत्री ने दिग्विजय सिंह के कार्यकाल का एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह सरकार के समय राज्य में पहली बार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात आई थी, लेकिन तब कैबिनेट में शामिल कई धुरंधर नेताओं ने इसका विरोध किया था। विजय लक्ष्मी साधो ने कहा- मैं सौभाग्यशाली हूं कि उस मंत्रिमंडल की सिपाही थी। जब 33 प्रतिशत आरक्षण की बात आई थी। विजयलक्ष्मी साधो ने कुछ नेताओं का अप्रत्यक्ष तरीके से नाम भी लिया जिसमें उन्होंने सुभाष यादव, राजेन्द्र सिंह, प्यारेलाल कंवर और मुशरान जी जैसे बड़े नेताओं का नाम लिया। ये सभी धुरंधर इसके विरोध में थे। साधो ने कहा कि यह सभी उस समय एक ही सुर में बोले थे जो महिलाएं किचन और घूंघट से बाहर नहीं आतीं, उनके लिए 33 प्रतिशत आरक्षण कहां से लाएंगे? इस कार्यक्रम में विजयलक्ष्मी साधो ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को टिकट तो दिया जा रहा है कि लेकिन उन सीटों से जहां कांग्रेस लगातार चार से पांच बार से हार रही है। उन्होंने कहा कि इस पर विचार किया जाना चाहिए।
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