कांग्रेस में 'अहम-अहंकार' छोड़ कर सहयोग निधि जुटाने का रखा गया लक्ष्य संगठन निर्माण में खर्च होगी राशि

Apr 18, 2026 - 08:30
 0  45
कांग्रेस में 'अहम-अहंकार' छोड़ कर सहयोग निधि जुटाने का रखा गया लक्ष्य संगठन निर्माण में खर्च होगी राशि

मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। संगठन को मजबूत करने के लिए ही राजधानी के रविन्द्र भवन में कांग्रेस की तरफ से ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और ब्लाक अध्यक्ष शामिल हुए। इस बैठक के दौरान तय किया गया है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 30 हजार परिवारों से संपर्क साधा जाएगा। संपर्क अभियान के दौरान लोगों से पार्टी की रीति-नीति की बात होगी और प्रत्येक परिवार से 100-100 रुपये की सहयोग निधि मांगी जाएगी। इस राशि का उपयोग जिला और ब्लाक स्तर पर संगठन निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यों में किया जाएगा। 25 मई के बाद हर ब्लाक में जन संवाद अधिवेशन आयोजित किए जाएंगे। ब्लाक अध्यक्षों को गांव-गांव जाकर इकाइयों और बूथ लेबल एजेंट का सत्यापन कर उनकी सक्रियता का आंकलन करना होगा। इस बैठक में संगठन को मजबूत करने के कई सुझाव आए लेकिन गुटबाजी की भी बात जमकर उठी। कोई नेता खुल कर तो नहीं बोल रहा था लेकिन अप्रत्यक्ष तरीके से सभी के संबोधनों में गुटबाजी की बात उठ रही थी। जितने भी वरिष्ठ नेता शामिल थे सभी गुटबाजी की तरफ इशारा कर रहे थे। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य कमलेश्वर पटेल ने तो अपने संबोधन में गुटबाजी का खुल कर बात की और कहा कि अहम-अहंकार छोड़कर सबको एकजुट होना होगा। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पिछले 25 वर्ष से सत्ता में नहीं है। इसलिए कार्यकर्ताओं को अधिक मेहनत करने की जरुरत है। किसी भी नेता के एक अकेले से कुछ नहीं होता। 25 अप्रैल से लेकर 25 मई तक विधानसभा प्रभारी प्रभार वाले क्षेत्रों में जाएंगे और कार्यकारिणी का सत्यापन करेंगे। गौरतलब है कि कमलनाथ के बाद कांग्रेस ने युवा अध्यक्ष जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा था लेकिन उनके नेतृत्व में कांग्रेस का लोकसभा चुनाव में बहुत खराब प्रदर्शन रहा उसके बाद भी पार्टी ने जीतू पटवारी को अध्यक्ष बनाए रखा और पार्टी को उम्मीद है कि अब युवा नेतृत्व ही पार्टी की नैया पार लगा सकता है। ये बात और है कि जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता काम नहीं करना चाहते यही कारण है कि वो पार्टी में रह कर भी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होते हैं। ऐसी स्थिति में जीतू पटवारी के सामने ये बड़ा लक्ष्य है कि वो वरिष्ठों की अनदेखी से कैसे पार्टी की नैया को पार लगाते हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow