दतिया में 'दादा' के आंशुओं की कीमत चुका रही भाजपा घर से नहीं निकल रहे कार्यकर्ता वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संभाला मोर्चा
दतिया विधानसभा उप चुनाव में जिस नाटकीय तरीके से पूर्व गृह मंत्री डाक्टर नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा वो भाजपा कार्यकर्ताओं के गले नहीं उतर रहा। 13 जुलाई को नामांकन के बाद हुई सभा में पूर्व गृह मंत्री का संबोधन हुआ तो जनता का अपार समर्थन देख उनका का गला भर गया और आंखें भीग गई। गौरतलब है कि दतिया की जनता और कार्यकर्ता पूर्व गृह मंत्री को दादा कह कर पुकारती है। दतिया में दादा के प्रति दीवानगी का एक अलग ही आलम देखने को मिलता है। ऐसी स्थिति में अपने दादा की आंखों से निकले आंसू के कारण भाजपा कार्यकर्ताओं के ज़ख्म एक बार फिर हरे हो गए और उन्होंने चुनाव से दूरी बना ली। 30 जुलाई को वोटिंग है ऐसी स्थिति में कार्यकर्ताओं का घर से नहीं निकलना भाजपा नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बन गया। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए मध्य प्रदेश भाजपा संगठन के पूरे नेतृत्व ने दतिया में डेरा डाल दिया है। बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल हों अथवा प्रदेश प्रभारी महेन्द्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारी सभी दतिया में हैं और कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटे हुए हैं। भाजपा के सामने जीत से पहले कार्यकर्ताओं को मनाने की चुनौती है। क्योंकि जब कार्यकर्ता घर से ही नहीं निकलेगा तो भाजपा चुनाव कैसे जीतेगी। गौरतलब है कि पूर्व गृह मंत्री का जब टिकट कटा था तो गुस्से में आकर दतिया भाजपा की बूथ कमेटी से लेकर जिला स्तर की सभी टीमों ने इस्तीफा दे दिया था। ऐसा पहली बार हुआ है जब भाजपा में एक साथ 23 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया था। हांलांकि स्थिति सामान्य होने के बाद सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के इस्तीफे को अस्वीकार कर दिया गया लेकिन जिन कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी उसे अभी तक वापस नहीं लिया गया है। यही सब कारण है कि दतिया में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव से दूरी बना ली है जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। और अब टिकट बदले जाने के बाद यह सीट सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के लिए प्रतिष्ठा की सीट बन चुकी है क्योंकि अपने फैसले को सही साबित करना है तो आशुतोष तिवारी को जीत दिलाना जरुरी है। इसी लिए भाजपा के पूरे नेतृत्व ने दतिया में डेरा डाल दिया है। वहीं पूर्व गृह मंत्री ने भी साफ कर दिया है कि उनका टिकट भले ही काटा गया है लेकिन वो आशुतोष तिवारी को जितानें में किसी प्रकार की कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। वो मनसा वाचा कर्मणा से भाजपा के सिपाही हैं लिहाजा वो आशुतोष तिवारी को जिताने के लिए पूरी क्षमता लगाएंगे।
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