सीएम के पास फोन आना बीच कार्यक्रम में 20 मिनट तक बात करना और अगले दिन हिल स्टेशन जाकर 'मेडिटेशन' का सहारा लेना आम बात तो नहीं
'जमीन' से जुड़े सीएम मोहन यादव को लेकर इन दिनों प्रदेश में चर्चाओं का दौर तेज है। आखिर कथित जमीन खरीदी मामले ने उनके रातों की नींद और दिन का चौन ले रखा है। दरअसल मामला शुक्रवार को भोपाल के रविन्द्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी (मीसा बंदी) कार्यक्रम का है। जहां पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास अचानक से एक फोन आता है और मुख्यमंत्री मोहन यादव तुरंत कार्यक्रम छोड़कर स्टेज के पीछे चले जाते हैं। लगभग 20 मिनट तक कार्यक्रम बिना मुख्यमंत्री के चलता रहता है। खास बात यह है कि सीएम के पास जब फोन आया तो नंबर देखते ही सीएम के हाव-भाव और यहां तक कि चेहरे का रंग भी बदला नजर आया। फोन पर कौन था इस बात का खुलासा तो नहीं हुआ लेकिन जिस प्रकार से सीएम मंच के पीछे घूम-घूम कर करीब 20 मिनट तक फोन पर बात करते रहे और चेहरे पर झुर्रियां पड़ती रहीं वो इशारा कुछ और ही कर रही हैं। बीच कार्यक्रम में अगर परिवार का फोन आया होता तो इतनी लंबी बात नहीं होती लेकिन 20 मिनट तक बात होना अपने आप में कई प्रश्नों को जन्म दे रहा है। Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार फोन दिल्ली से आया था। इसका प्रमाण यह है कि फोन के बात सीएम इतने तनाव में आ गए कि उन्हें 'मेडिटेशन' का सहारा लेना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री अब दो दिन तक एक हिल स्टेशन में हैं इस बीच वो 'मेडिटेशन' (Meditation) का सहारा लेंगे। गौरतलब है कि मेडिटेशन को हिंदी में 'ध्यान' कहते हैं।यह एक मानसिक अभ्यास है जिसमें व्यक्ति अपने मन को शांत करके एक बिंदु, विचार, सांस या मंत्र पर केंद्रित करता है। इसका मकसद मन की भागदौड़ रोकना, तनाव कम करना और मानसिक शांति पाना है। इससे गुस्सा, चिंता कंट्रोल होती है। मतलब साफ है कि फोन में कुछ तो ऐसा कहा गया है जिससे सीएम टेंशन में हैं जिसके कारण उन्हें मेडिटेशन का सहारा लेना पड़ रहा है। जिस स्वतंत्रता सेनानी कार्यक्रम में सीएम थे वहां के मीसाबंदी भी सीएम के इस व्योहार से हैरान और परेशान थे जिसके कारण तपन भौमिक और कप्तान सिंह सोलंकी ने मंच से ही सीएम की चुटकी भी ली है।
What's Your Reaction?